US ड्रग अथॉरिटी और आयुष मंत्रालय ने बी जैन होम्योपैथी फ़ार्मास्युटिकल्स को अनुचित तरीके से दवाओं के उत्पादन के संन्धर्भ मे चेतावनी दी‌..

US ड्रग अथॉरिटी ने B Jain होम्योपैथी फ़ार्मास्युटिकल्स के कारखाने में कीड़े और कृन्तकों (चूहो) का पता लगाने और विभिन्न उल्लंघनों के बाद उन्हे चेतावनी दी है – एफडीए पत्र को ध्यान में रखते हुए, भारतीय दवा नियामक समिति भी निरीक्षण के लिए तैयार है।

नई दिल्ली: अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने एक प्रमुख भारतीय होम्योपैथी दवा निर्माता कंपनी को उसके कारखाने में घुमने वाले कीड़े और “इसके कच्चे माल में तैरते हुए जीवित कीट को खोजने” के बाद एक चेतावनी पत्र भेजा है।

FDA ने अब कंपनी को निर्देश दिया है कि नोएडा स्थित  B. Jain Pharmaceuticals (फ़ार्मास्युटिकल्स )- “तत्काल सुधार” सुनिश्चित करे और 15 कार्य दिवसों के भीतर इसके पत्र का जवाब दे।

एफडीए ने 13 अगस्त और 29 अगस्त 2018 के बीच राजस्थान के भिवाड़ी में कंपनी की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया था। 21 मार्च 2019 को दिए गए वॉचडॉग पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान, जांचकर्ताओं ने पाया कि “कम्पनी दवाओं को कृन्तकों, पक्षियों, कीड़ों, और अन्य कृमियों द्वारा ” सुरक्षित रखने में विफल रही।”

पत्र मे लिखा है कि “कच्चे माल के भंडारण कक्ष में, हमारे अन्वेषक ने कई उड़ने वाले कीड़े देखे। एफडीए ने आपके कर्मचारियों को उत्पादन में उपयोग किये जाने वाले कच्चे माल का वितरण करते हुए देखा … और इस कच्चे माल में एक जीवित कीट तैरता देखा गया, ”

“जब अन्वेषक ने आपके कच्चे माल में इस कीट की उपस्थिति को इंगित किया, तब भी आपने कीट से दूषित कच्चे माल का उपयोग करके होम्योपैथिक दवा उत्पादों का निर्माण जारी रखा।”

एफडीए के पत्र को ध्यान में रखते हुए, भारतीय दवा नियामक समिति भी निरीक्षण के लिए तैयार है।

आयुष मंत्रालय के सचिव, वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “हम बाजार और इसके निर्माण स्थलों पर कंपनी के उत्पादों का गहन निरीक्षण करेंगे।”

बी.जैन ने हालांकि, The Print को बताया कि उन्होने मुद्दों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।


फर्म के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( CEO ) निशांत जैन ने The Print को बताया कि प्राप्त चेतावनी पत्र के संदर्भ में हमने उठाई गई चिंताओं के बारे में गंभीरता से ध्यान दिया है और सभी सुधारात्मक कार्रवाइयों और निवारकों के बाद एफडीए को सभी साक्ष्य सौंपे जाएंगे। , “हम उत्पादों के नमूनों की जांच के लिए पुन: परीक्षण (इन-हाउस और साथ ही आउटसोर्स) भी कर रहे हैं।”

एफडीए पत्र के उल्लंघन के एक बिन्दु मे, बताया गया है कि

एफडीए के पत्र ने कंपनी के मामलों की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है, जो चार दशकों से अधिक समय से  व्यापार में होने का दावा करता है।

पत्र के अनुसार, जिस कमरे में दवाइयां बनाई जा रही थीं, उसकी छत पर शायद फफूंद लगी थी। “इसके अलावा, विभिन्न कच्चे माल, जिनमे से कुछ बर्लेप ( बोरियों में ) मे पैक किए गए, ओर कई कमरे में बिखरे हुए देखे गए,”

पत्र में आगे बताता गया कि इस फर्म ने दो अलग-अलग कच्चे मालों को एक साथ (बेहद नज़दीक) रखकर उपभोक्ताओं के जीवन को जोखिम में डाल दिया। “एक कच्चे माल के लीक कंटेनरों को आपके गोदाम में अन्य कच्चे माल के करीब देखा गया था,”

पत्र में आगे बताता गया कि एफडीए ने कथित तौर पर यह भी पाया कि कंपनी “माइक्रोबियल परीक्षण” का संचालन नहीं कर रही है – यह एक अनिवार्य जांच है जो कि यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि अंतिम दवाएं (उत्पाद) किसी भी तरह के संदूषण से निष्फल और मुक्त हैं। पत्र में कहा गया है, “आपके सिस्टम की गड़बड़ी की स्थिति को देखते हुए, अन्वेषक ने 2018 के आपके सिस्टम के माइक्रोबियल परीक्षा परिणाम के लिए जानकारी मांगी, जिसे आप प्रदान करने में असमर्थ थे,”

नियामक ने कंपनी को उनके कीट नियंत्रण और विनिर्माण प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के लिए कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनके निर्माण क्षेत्र, कीड़े या किसी भी प्रकार के वर्मिन से मुक्त हैं। एवम  कंपनी को अमेरिकी बाजार में वितरित सभी दवा उत्पादों के जोखिम मूल्यांकन करने के लिए भी कहा है जो कि इस तरह के कीड़े या अन्य वर्मिन से दूषित कच्चे माल से बनाये गये थे।

Author: Dr Jaiswal

Post Graduate homeopath

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